आइए, इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि आखिर हैं क्या ये पांच चैत्यवंदन और इनका आध्यात्मिक महत्व क्या है।
प्रत्येक चैत्यवंदन से पहले ‘नमोकार मंत्र’ का 108 बार जाप। palitana 5 chaityavandan in hindi full
"16वें तीर्थंकर श्री शांतिनाथ प्रभु को मैं वंदन करता हूँ, जो शांति के सागर और भक्तों को सुख देने वाले हैं। उनका कंचन वर्ण शरीर और शांत मुद्रा चित्त को प्रसन्न करती है।" Tattva Gyan palitana 5 chaityavandan in hindi full
(नोट: कुछ मार्गदर्शक पुस्तिकाओं में मंदिरों का क्रम या नाम थोड़ा भिन्न हो सकता है, लेकिन उपरोक्त पांच प्रमुख स्थानों का अधिकतर यात्री सेवन करते हैं।) palitana 5 chaityavandan in hindi full